मृत्यु पश्चात मिलने वाला लाभ (डेथ बेनिफिट )

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परिभाषा
जीवन बीमा पालिसी के तहत बीमित की मौत के बाद लाभार्थी/नामांकित को दिए जाने वाले दावे के भुगतान को मृत्यु पश्चात मिलने वाला लाभ कहा जाता है. यह एक बार दी जाने वाली वह बड़ी राशि है जो बीमित की मृत्यु पॉलिसी के समय सीमा में होने पर नामांकित को अदा की जाती है.
विवरण
मृत्यु पश्चात मिलने वाला लाभ वह राशि है जो आपके परिवार जैसे कि आश्रित माता-पिता, पति या पत्नी, या बच्चे को पॉलिसी धारक/ बीमित की मृत्यु के बाद, जीवन को सुचारु रूप से चलाने में सहायता करती है. मृत्यु पश्चात मिलने वाले लाभ में आयकर कटौती नहीं होती.
पॉलिसी को शुरू करते समय बीमित व्यक्ति मृत्यु पश्चात मिलने वाले लाभ को या तो बड़ी रकम के एकल भुगतान या नियमित भुगतान के रूप में चुन सकता है. उदाहरण के लिए, परिवार की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, मृत्यु पश्चात मिलने वाले लाभ को या तो एकल राशि के रूप में या नियमित भुगतानों के रूप में दिया जा सकता है. मृत्यु पश्चात मिलने वाले लाभ का दावा करने के लिए लाभार्थियों को मृत्यु का प्रमाण या मृतक का प्रमाण जमा करवाना होगा.
कुछ स्थितियों में मृत्यु के पश्चात मिलने वाले लाभ का भुगतान नहीं किया जाता, जैसे कि यदि बीमित व्यक्ति पॉलिसी के बारह महीने बाद आत्महत्या कर लेता है या हत्या का शिकार होता है, ड्रग्स या शराब के नशे की स्थिति, या आत्मघाती चोट के कारण.
उदाहरण
पुलकित ने एक करोड़ रुपये के लिए टर्म प्लान खरीदा. उन्होंने पॉलिसी के तहत अपनी पत्नी को लाभार्थी के रूप में घोषित किया. सात साल के लिए प्रीमियम भुगतान करने के बाद, पुलकित की सड़क दुर्घटना में मौत हो गयी. उनकी पत्नी को मृत्यु पश्चात मिलने वाले लाभ का भुगतान किया गया क्योंकि उन्हें पॉलिसी के तहत लाभार्थी घोषित किया गया था. मृत्यु के पश्चात मिलने वाला लाभ वह निर्धारित राशि होगी जिसका चुनाव पॉलिसी खरीदने के समय किया गया था.